tag:blogger.com,1999:blog-7024567440226660873.post6994827414866329440..comments2008-04-07T03:48:18.832-07:00Comments on हितचिन्तक: छात्रों को मुख्यधारा से अलग करने का षडयंत्रसंजीव कुमार सिन्हाhttp://www.blogger.com/profile/11879095124650917997noreply@blogger.comBlogger4125tag:blogger.com,1999:blog-7024567440226660873.post-50136838577963794452008-04-07T03:48:00.000-07:002008-04-07T03:48:00.000-07:00Hello. This post is likeable, and your blog is ver...Hello. This post is likeable, and your blog is very interesting, congratulations :-). I will add in my blogroll =). If possible gives a last there on my blog, it is about the <A HREF="http://wireless-brasil.blogspot.com" REL="nofollow">Wireless</A>, I hope you enjoy. The address is http://wireless-brasil.blogspot.com. A hug.<A HREF="8555247658" REL="nofollow"></A>Wirelesshttp://www.blogger.com/profile/04492808529697496454noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-7024567440226660873.post-7440762612029410622008-03-31T03:52:00.000-07:002008-03-31T03:52:00.000-07:00INAKE LIY JEETANEE GALIYAA DEE JAY KAM HAI, BESHAR...INAKE LIY JEETANEE GALIYAA DEE JAY KAM HAI, <BR/><BR/>BESHARMI KEE HAD HO GAI.आशीष कुमार 'अंशु'http://www.blogger.com/profile/12024916196334773939noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-7024567440226660873.post-83564987315880771552008-03-18T05:54:00.000-07:002008-03-18T05:54:00.000-07:00भाई संजीव जी,आपने अपने लेख के मध्यम से एक बड़ा ही ...भाई संजीव जी,<BR/>आपने अपने लेख के मध्यम से एक बड़ा ही यक्ष प्रश्न खड़ा किया है यू . पी . ऐ सरकार के सामने. ऐसा लगता है की धर्मनिरपेक्ष होने का मतलब , इन तथाकथित बुद्धिजीवियों के सामने , सिर्फ़ हिंदू देवी देवताओं को गलियां देना और अनर्गल प्रलाप करना रह गया है. और ये चीजे सभी जगेह हो रही है. चाहे कम्युनिस्ट हो या तथाकथित चित्रकार या ये पागल सरकार , सभी हिन्दुओ को अपमानित करने में लगे हुए है . लेकिन इनको ज्ञात हो की हिन्दी हमेशा ही अपन्नी अश्मिता के लिए कुर्बनिया देते रहे है. इसी परम्परा में महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी का नाम इतिहास में सुनहले अक्षरों में अंकित है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने कमान संभाली है इस बार, और दिल्ली विश्वविद्यालिया के इतिहास विभाग के मनचले शिक्षको को बेनकाब किया है. बहुत बहुत धन्यबाद विद्यार्थी परिषद् को. आगे भी इस प्रकार की ज्यादती हिंदू समुदाय बर्दास्त नही करेगा और ईंट का जबाब पत्थर से देगा.<BR/><BR/>धन्यबाद. <BR/>आपका ही <BR/>धनंजय शुक्लNation Firsthttp://www.blogger.com/profile/02319641565639806634noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-7024567440226660873.post-74584613259196470062008-03-18T05:53:00.000-07:002008-03-18T05:53:00.000-07:00भाई संजीव जी,आपने अपने लेख के मध्यम से एक बड़ा ही ...भाई संजीव जी,<BR/>आपने अपने लेख के मध्यम से एक बड़ा ही यक्ष प्रश्न खड़ा किया है यू . पी . ऐ सरकार के सामने. ऐसा लगता है की धर्मनिरपेक्ष होने का मतलब , इन तथाकथित बुद्धिजीवियों के सामने , सिर्फ़ हिंदू देवी देवताओं को गलियां देना और अनर्गल प्रलाप करना रह गया है. और ये चीजे सभी जगेह हो रही है. चाहे कम्युनिस्ट हो या तथाकथित चित्रकार या ये पागल सरकार , सभी हिन्दुओ को अपमानित करने में लगे हुए है . लेकिन इनको ज्ञात हो की हिन्दी हमेशा ही अपन्नी अश्मिता के लिए कुर्बनिया देते रहे है. इसी परम्परा में महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी का नाम इतिहास में सुनहले अक्षरों में अंकित है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने कमान संभाली है इस बार, और दिल्ली विश्वविद्यालिया के इतिहास विभाग के मनचले शिक्षको को बेनकाब किया है. बहुत बहुत धन्यबाद विद्यार्थी परिषद् को. आगे भी इस प्रकार की ज्यादती हिंदू समुदाय बर्दास्त नही करेगा और ईंट का जबाब पत्थर से देगा.<BR/><BR/>धन्यबाद. <BR/>आपका ही <BR/>धनंजय शुक्लNation Firsthttp://www.blogger.com/profile/02319641565639806634noreply@blogger.com