हितचिन्‍तक- लोकतंत्र एवं राष्‍ट्रवाद की रक्षा में। आपका हार्दिक अभिनन्‍दन है। राष्ट्रभक्ति का ज्वार न रुकता - आए जिस-जिस में हिम्मत हो

Monday 22 September 2008

'35 हजार महिलाओं के साथ हमबिस्तर हुए कॉमरेड कास्त्रो'



क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो अपनी 82 साल की उम्र में कुल 35 हजार महिलाओं के साथ हमबिस्तर हुए। यह सनसनीखेज़ दावा एक डॉक्युमंट्री में किया गया है। यह डॉक्युमंट्री जल्द ही दिखाई जाएगी।

फिल्म मेकर इऐन हैल्पेरिन के मुताबिक , ' कास्त्रो 40 सालों तक हर दिन कम से कम दो महिलाओं के साथ रोज़ सोते रहे। उन्हें लंच के तौर पर एक महिला के साथ सोते थे जबकि डिनर में दूसरी महिला महिला के साथ सोना पसंद करते थे। कभी-कभी तो उन्हें ब्रेकफस्ट में भी एक महिला की जरूरत पड़ती थी। ' कास्त्रो ने अपने प्रेज़िडंट होने का खूब फायदा उठाया।

गौरतलब है कि फिदेल कास्त्रो दिसंबर 1959 से लेकर फरवरी 2008 तक क्यूबा की सत्ता पर काबिज़ रहे। इसी साल फरवरी में कास्त्रो ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। क्यूबा के तानाशाह बातिस्ता के खिलाफ क्रांति के फलस्वरूप कास्त्रो सत्ता में आए थे।

हालांकि कास्त्रो के सत्ता में आने के तुरंत बाद ही अमेरिकी शासन उनके पीछे पड़ गया था लेकिन कास्त्रो के पद छोड़ने तक अमेरिका कम से कम 9 प्रेज़िडंट देख चुका था।

नवभारत टाइम्‍स से साभार

16 comments:

अनिल रघुराज said...

आपको क्‍या कसक है? क्‍या आप अभी तक एक भी महिला के साथ नहीं सो पाये? कोशिश कीजिए, ब्‍लॉगिंग की दुनिया में कोई कंचन कामिनी ही आपको ये मौक़ा दे दे!

Anonymous said...

इस तरह की गिनती हितचिन्तक पर अच्छी नहीं लग रही है, एसी खबरें कामरेडों के ब्लाग पर ही शोभा देती हैं

Dr. Amar Jyoti said...

आपका दर्द कहीं ये तो नहीं?
हाय हुसैन! हम न हुए।

Anonymous said...

संघ के संजय जोशी की करतूतों के बारे में क्या कहना है??????????????????

क्या बोलती बंद हो गयी????????????

Suresh Chiplunkar said...

तगड़ी चोट की है हितचिन्तक भाई, टिप्पणियाँ देखकर ही पता चल गया है कि आपने बहुत गहरा वार कर दिया… बाय द वे, संजय जोशी ने तो एक के बाद ही इस्तीफ़ा दे दिया, लेकिन…

रंजन said...

हुआ होगा.. उसकी बला से..

Anonymous said...

इस पैंतीस हज़ार में आपकी माताओं बहनों की संख्या कितनी है बंधु।

विचार-मंथन said...

कम्‍युनिस्‍टों को लेकर नैतिकता की बात करना कुछ और नहीं बल्कि बेवकूफी है। कम्‍युनिस्‍टों ने सदा से ही औरतों को तिरोहित करने का काम किया है।

Anonymous said...

अभी कृष्ण की रानियों से संख्या कम ही है।

दिनेशराय द्विवेदी said...

इस चरित्र हनन का अर्थ यह है कि कास्त्रों एक मजबूत शख्सियत हैं।

jay said...
This comment has been removed by the author.
जयराम दास. said...

ओ गाली देने वाले Anonymous जी....पता नहीं आपने किसी माँ की कोख से ही जनम लिया है या किसी अन्य प्राणी से....अगर कायर की तरह छुप कर गाली देने से भड़ास निकल जायेगी तो निकाल लो अपनी कुंठा...मगर किसी को गाली देने से पहले ये मालूम होना चाहिए के ये कोई मनगढ़ंत खबर नहीं है बल्कि नभाटा से साभार ली हुई है ...आपको क्या दर्द हो गया..क्या क्या क्या याद आ गया आपको पता नहीं.कास्त्रो से कोई पारिवारिक सम्बन्ध हो तो पीड़ा जायज ही है.

makrand said...

it s personel matter we do nt need to think of it

Shaktistambh said...

क्या anonymous अपने आप से आश्वस्त हैं कि उनमें उनकी अपनी माँ बहन नहीं थी?

sunil suyal said...

कास्त्रो के कामरेड होने के कारण उनके भाई -बंधू का दुख समझ मै आता है !जहा तक बात है संजय जोशी की तो उन पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ था और कास्त्रो पर तो वृतचित्र बना है जबकि जोशी जी ने नेतिकता के आधार पर स्तीफा दिया था !लेकिन कास्त्रो के जीवन मै नेतिकता का प्रमाण अब तक तो नहीं मिला ..........!३५ हजार संख्या? लेकिन ब्लॉग लेखन मै हलकी बात आप जेसे श्रेस्ठ जनो को शोभा नहीं देती..........!

yogesh kumar said...

35हजार तो बहुत कम है