हितचिन्‍तक- लोकतंत्र एवं राष्‍ट्रवाद की रक्षा में। आपका हार्दिक अभिनन्‍दन है। राष्ट्रभक्ति का ज्वार न रुकता - आए जिस-जिस में हिम्मत हो

Wednesday 12 November 2008

माकपा नेता व कार्यकर्ता हत्या के अपराधी

2 comments:

मिहिरभोज said...

कोई नई बात बताई होती संजय भाई ...माकपा मैं हत्यारों के अलावा है कोन

shanky said...

Dil Dahala dene wale drishya hai Sanjeev Bhaya. But it is only the problem. What about permanent solution.