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Tuesday 4 September 2007

चमकता गुजरात

देश में सिर्फ गुजरात ही एक मात्र राज्य है, जहां सभी म्यूनिसिपैलिटी और म्यूनिसिपल कारपोरेशन में ई-गर्वनेंस प्रोसेस शुरू किया गया है। यह पहली बार हुआ है कि गुजरात सरकार ने सभी म्यूनिसिपैलिटी को इंटरनेट सुविधा मुहैया कराने का निर्णय लिया है।

अहमदाबाद शहर को ट्रैफिक समस्याओं से निजात दिलाने के लिए देश में पहली बार 493 करोड़ रुपये की जन मार्ग योजना शुरू की गई।

अहमदाबाद म्यूनिसिपल कारपोरेशन ने स्लम नेटवर्किंग प्रोजेक्ट के लिए 30,000 डालर का दुबई इंटरनेशनल बेस्ट प्रैक्टिस अवार्ड जीता।

विद्युत बोर्ड को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस स्वतंत्र इंकाईयों में बांट दिया गया, जिनका कार्य विद्युत उत्पादन, पारेषण व वितरण करना है।

गुजरात एक मात्र राज्य है, जिसने कृषि क्षेत्र के लिए विजली दरों में सबसे अधिक सब्सिडी दी है। कृषि क्षेत्र के लिए सालाना सब्सिडी 1100 करोड़ रुपये की थी, जिसे सरकार ने बढ़ाकर 1700 करोड़ रुपये कर दी। इसके अलावा राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कृषि क्षेत्र पर लगने वाला विद्युत कर समाप्त कर दिया।

68 महीनों के दौरान प्राइमरी स्कूलों के लिए 32,000 कमरों का निर्माण हुआ। महिलाओं में सारक्षता बढ़ाने के लिए विद्या लक्ष्मी बांड स्कीम शुरू की गई। विद्यार्थियों का इंश्यारेंस कराने के लिए विद्या दीप योजना शुरू की गई, जिसका प्रिमियम सरकार द्वारा पूरा किया जाता है।

हर साल एक करोड़ विद्यार्थियों का हेल्थ चेक-अप किया गया और जिन विद्यार्थियों को दवाओं की जरूरत थी, उन्हें तत्काल दवाएं उपलब्ध कराईं गईं और जरूरी हुआ तो इलाज के लिए उन्हें सिविल हास्पिटलों में भेजा गया। वर्ष 2006-07 के दौरान 84,33,426 विद्यार्थियों का चेक-अप हुआ, जिसमें 12,27199 बच्चों को तत्काल दवा दी गईं और 49,589 विद्यार्थियों को आगे के इलाज के लिए संसुति दी गई। 32,893 छात्रों को मुफ्त चश्मा दिया गया, हृदय रोग से पीड़ित 456 छात्रों, किडनी रोग से प्रभावित 254 छात्रों, कैंसर से प्रभावित 140 छात्रों को मुफ्त इलाज किया गया। यही नहीं, 77 बच्चों का राज्य से बाहर इलाज करवाया गया।

पचास सालों में राज्य में विद्युत उत्पादन की क्षमता महज 8700 मेगावाट रही, जबकि राज्य सरकार ने आने वाले तीन सालों में 1500 मेगावाट विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस योजनाएं बनाईं।

सरकार का विद्युत प्रबंधन बेहतर रहा है। जहां पिछले सालों गुजरात विद्युत बोर्ड की सालाना आय 8389 करोड़ रुपये थी, वह आज बढ़कर 11,507 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

विद्युत चोरी करने वालों पर गंभीर सख्ती की गई तथा 230 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई।

राज्य सरकार तेल प्राप्त करने में न सिर्फ राज्य के भीतर, बल्कि राज्य से बाहर भी काफी सफलता हासिल की।

देश में एक भी एलएनजी टर्मिनल नहीं था। राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप गुजरात राज्य के दहेज और हजीरा में एलएनजी टर्मिनल स्थापित किया गया।

राज्य सरकार की ठोस योजना है कि प्रत्येक शहर के हर घरों में गैस की सप्लाई हो। हजीरा से कलोल तक 460 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई गई, जबकि 600 किलोमीटर लंबी लाइन पर काम चल रहा है।

गुजरात सरकार ने 6 स्थानों का पवित्र स्थल धोषित किया है, जिसमें अबाजी, द्वारिकाजी, गिरनार और सोमनाथ शामिल हैं।

कुछ प्रशंसनीय उध्दरण

'देश में गुजरात के विकास में लोगों की भागीदारी सर्वश्रेष्ठ है।
- डा. एपीजे अब्दुल कलाम, भारत के पूर्व राष्ट्रपति

गुजरात में कृषि क्षेत्र पूरे देश के लिए मार्गदर्शक का काम कर सकता है।
- श्री स्वामीनाथन, विश्व-विख्यात कृषि विशेषज्ञ

गुजरात में लोगों के सहयोग से किया गया विकास कार्य प्रशंसनीय है।
- मोंटेक सिंह अहलुवालिया उपाध्यक्ष, योजना आयोग

10वीं पंचवर्षीय योजना में उर्जा के क्षेत्र में देश के तीन राज्यों ने काम किया, जिनमें गुजरात एक है।
- श्री पी. चिदम्बरम, केन्द्रीय वित्ता मंत्री

''गुजरात निवेश के लिए आदर्श है और जो यहां निवेश नहीं करता है, वह बेवकूफ है।''
- रतन टाटा, उद्योगपति

''उत्कृष्ट सड़कों के निर्माण में गुजरात का जवाब नहीं।''
- विश्व बैंक

''भ्रूण हत्या रोक कर समाज सुधार के कार्य में गुजरात ने पूरे देश को रास्ता दिखाया है।
- स्वास्थ्य विभाग, भारत सरकार

''गुजरात भारत के आर्थिक मानचित्र को बदलने में सबसे आगे रहा है।''
- श्री के.वी. कामथ, चेयरमैन व डायरेक्टर, आईसीआईसीआई बैंक

4 comments:

अनुनाद सिंह said...

वाह, मजा आ गया। लगता है कि मोदी सरकारे पूरे देश के सामने अनुकरणीय उदाहरण बन कर उभर गयी है.

उत्तर-प्रदेश सरकार भी कुछ इनके ही पद-चिन्हों पर चलने की कोशिश कर रही है। समाचार है कि उत्तर-प्रदेश के कोई ३३ विभागों की वेबसाइटें आरम्भ की गयी हैं।

http://timesofindia.indiatimes.com/Lucknow/Websites_of_33_departments_launched/articleshow/2330386.cms

Deepak said...

woow !!!
aacha blog hai...

Udan Tashtari said...

बहुत अच्छा है भाई. खूब जाना यहाँ से. इसके पहले तो टुकड़े टुकड़े जानकारी अखबारों से मिलती रहती थी. आभार.

Shrish said...

सचमुच अल्प समय में ही गुजरात की तरक्की तारीफ-ए-काबिल है।